श्रेणियाँ श्री माँ के वचन

“सावित्री” की असाधारण शक्ति

अगर तुम उदास हो, अगर तुम अपने-आपको दुखी अनुभव करते हो, अगर तुम जो कुछ हाथ में लेते हो उसी में असफलता हाथ लगती है, चाहे तुम कितना भी प्रयास कर लो, फिर भी जो होता है वह हमेशा तुम्हारी आशाओं के विपरीत होता है – अगर स्थिति यहांतक पहुँच गयी है की तुम्हें गुस्सा आ जाता है, जीवन घृणित हो उठता है , और तुम दुखी रहते हो तो तुरंत ‘सावित्री’ उठा लो और क्षण-भर की एकाग्रता के बाद कोई सा पुष्ठ खोलो और पढ़ना शुरू कर दो। तुम देखोगे कि तुम्हारा सारा दुःख धुएँ कि तरह गायब हो जाता है और तुम्हारे अंदर दुःख की बुरी-से-बुरी उदासी और अंधेरे पर विजय पाने की शक्ति आ जाती है । तुम्हें उस चीज़ की प्रतीति ही न होगी जो तुम्हें यातना दे रही थी । उसकी जगह तुम्हें एक विचित्र सुख का अनुभव होगा । चेतना का एक ऐसा पलटा आयेगा, हर चीज़ पर विजय पाने वाली शक्ति और ऊर्जा आयेगी, मानों अब कुछ भी असंभव नहीं है । और तुम उस अक्षय आनंद का अनुभव करोगे जो सबको पवित्र करता है । कुछ ही पंक्तियाँ पढ़ो, इतना ही तुम्हारी अंतरतम सत्ता के साथ संपर्क स्थापित करने के लिये काफी है । ऐसी है “सावित्री” की असाधारण शक्ति ।

या फिर कुछ पंक्तियाँ पढ़ने के बाद अगर तुम गहराई में एकाग्र होओ तब भी तुम्हें उस चीज़ का समाधान मिल जाएगा जो तुम्हें पीड़ा पहुंचा रही थी। तुम बिना सोचे-विचारे यूं ही कही से भी “सावित्री” को खोलो और तुम्हें अपनी समस्या का उत्तर मिल जायेगा । यह श्रद्धा और सरलता से करो, परिणाम निश्चित है ।

आशीर्वाद ।

संदर्भ : “मधुर माँ” (माताजी के साथ मोना की बातचीत)

शेयर कीजिये

नए आलेख

आंतरिक समझ

​अगर तुम अकेले नहीं हो, बल्कि औरों के साथ रहते हों तो ऐसी आदत डालों…

% दिन पहले

अपने-आपको बुरा-भला कहना

क्या अपने-आपको बुरा-भला कहना प्रगति करने का अच्छा उपाय है ?   अपने-आपको बुरा भला-भला…

% दिन पहले

अच्छे और बुरे स्वप्न

मधुर माँ, हम स्वप्न में अच्छे और बुरे में कैसे फ़र्क़ कर सकते हैं। सिद्धांत…

% दिन पहले

यौगिक कर्म

योग के दृष्टिकोण से, तुम जो करते हो वह नहीं बल्कि तुम कैसे करते हो…

% दिन पहले

सावधानी

अगर तुम जीवन में एक भूल करो तो हो सकता है कि तुम्हें सारे जीवन…

% दिन पहले

समुचित मार्ग

(अधिकतर साधक) अहंकारी होते हैं और वे अपने अहंभाव को अनुभव या स्वीकार नहीं करते।…

% दिन पहले