सांसारिक जीवन में उचित तरीके से चलने का मार्ग

सांसारिक जीवन संघर्ष का जीवन है – इस पर उचित तरीके से चलने के लिए तुम्हें अपने जीवन तथा अपनी क्रियाएँ भगवान को समर्पित करनी चाहियें और अपने अंदर भगवान की शांति के लिए प्रार्थना करनी चाहिये। मन जब अचंचल हो जाता है, तब तुम यह अनुभव कर सकते हो कि दिव्य माँ तुम्हारे जीवन को सहारा दिये हुये हैं , और तब तुम सब कुछ उनके हाथों में सौंप दो।

संदर्भ : श्रीअरविंद के पत्र

शेयर कीजिये

नए आलेख

प्रभो, वर दे!

उनके दुःख-दर्द से तीव्र रूप से पीड़ित होकर मैं तेरी ओर मुड़ी और उसका उपचार…

% दिन पहले

तीन शर्तें

भागवत शक्ति को ग्रहण करने की क्षमता प्राप्त करने तथा तुम्हारे माध्यम से बाह्य जीवन…

% दिन पहले

भगवान तुम्हारे साथ हैं

यह कभी न भूलो कि तुम अकेले नहीं हो । भगवान् तुम्हारे साथ हैं, तुम्हारी…

% दिन पहले

चिंता

चिंता करना जहर का प्याला पीने के समान है । संदर्भ : पथ पर 

% दिन पहले

महान अंत ? या महान आरंभ?

जहाँ कहीं तुम एक महान अंत देखो, निश्चित हो जाओ कि एक महान आरंभ हो…

% दिन पहले

यादें

हमें यादों से इतना स्नेह होता है क्योंकि वे सार्वभौमिक हैं। उनके अन्दर 'अनन्तता' के…

% दिन पहले