तुम जो कुछ करो उसमें मज़ा लेने की कोशिश करो ।

तुम जो कुछ करो उसमें तुम्हें रस हो तो तुम उसे मज़ा लेकर कर सकते हो।

तुम जो करते हो उसमें रस लेने के लिये तुम्हें उसे आधिकाधिक अच्छी तरह करने की कोशिश करनी चाहिये ।

सच्चा आनंद प्रगति करने से आता है ।

संदर्भ : माताजी के वचन (भाग -२)

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