यहाँ पर कुछ लोग आपको माताजी से महानतर क्यों मानते हैं ? क्या आप दोनों समान स्तर से नहीं हैं ? क्या मनुष्य की आँखों पर के पर्दा नहीं पड़ा है जो इस तरह के भेद करता है?
ये वे मन हैं जो केवल सतही चीजों को देखते हैं और उनके पीछे क्या है यह नहीं देख पाते ।
संदर्भ : माताजी के विषय में
मैं तुम्हें अपना पुराना मन्त्र बताती हूं; यह बाह्य सत्ता को बहुत शान्त रखता है…
अगर अपात्रता का भाव तुम्हें उमड़ती हुई कृतज्ञता से भर देता है और आनन्दातिरेक के…
कभी मत बुड़बुड़ाओ । जब तुम बुड्बुड़ाते हो तो तुम्हारे अन्दर सब तरह की शक्तियां…