श्रीमाँ ने आश्रम के मुख्य भवन में निवास करने वाले समर्पित साधक स्वर्गीय बुला से कहा था कि रात के समय कोई समाधि पर न जाये क्योंकि रात में देवता वातावरण में से उस सब कलुष को स्वच्छ करते हैं जिसे मनुष्य दिन में समाधि के पास छोड़ जाते हैं ।
संदर्भ : श्रीअरविंद एवं श्रीमाँ की दिव्य लीला
एक या दो बार, बस खेल-ही-खेलमें आपने अपनी या श्रीअरविंदकी कोई पुस्तक ली और सहसा…
मेरे प्यारे बालक, तुम हमेशा मेरी भुजाओं में रहते हो और मैं तुम्हें सुख-सुविधा देने,…