मैं मन में श्रीअरविंद के प्रकाश को कैसे ग्रहण कर सकता हूँ ?
अगर तुम धीरज के साथ इसके लिए अभीप्सा करो तो यह तुम्हें हमेशा प्राप्त हो सकता है। लेकिन, अगर तुम वह प्रकाश चाहते हो तो उसके लिए मूलभूत शर्त यह है कि तुम्हें अन्य सभी मानसिक प्रभावों से पिण्ड छुड़ाना होगा ।
संदर्भ : श्रीअरविंद अपने विषय में
उनके दुःख-दर्द से तीव्र रूप से पीड़ित होकर मैं तेरी ओर मुड़ी और उसका उपचार…
भागवत शक्ति को ग्रहण करने की क्षमता प्राप्त करने तथा तुम्हारे माध्यम से बाह्य जीवन…
यह कभी न भूलो कि तुम अकेले नहीं हो । भगवान् तुम्हारे साथ हैं, तुम्हारी…
जहाँ कहीं तुम एक महान अंत देखो, निश्चित हो जाओ कि एक महान आरंभ हो…
हमें यादों से इतना स्नेह होता है क्योंकि वे सार्वभौमिक हैं। उनके अन्दर 'अनन्तता' के…