श्रेणियाँ श्री माँ के वचन

विलाप मत करों

परिस्थितियाँ अवसर भले हों पर निश्चित रूप से, कारण नहीं हो सकती । कारण ‘भागवत’ इच्छा में है और उसे कुछ भी नहीं बदल सकता ।

इसलिए, विलाप मत करों और अपने अवसाद को ‘भगवान’ के चरणों में अर्पित कर दो। वे तुम्हें शांति और मुक्ति देंगे ।

संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-३)

 

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