जब तुम लोगों के बीच में हो तो ‘परम प्रभु ‘ को अपने और लोगों के बीच में रखो। इस तरह तुम्हारी सारी सत्ता सुरक्षित रहेगी। तुम कोये की तरह उनकी सुरक्षा में रहोगे और कोई भी चीज़ तुम्हारी उस सुरक्षा को भेद न पायेगी।
संदर्भ : माँ तुमने ऐसा कहा था
जीवनयात्रा में समस्त भय, संकट और विपदा का सामना करने के लिए कवच के रूप…
अपने तुच्छ, स्वार्थपूर्ण व्यक्तित्व से बाहर निकलो ओर अपनी भारतमाता के योग्य शिशु बनो ।…