जब तुम लोगों के बीच में हो तो ‘परम प्रभु ‘ को अपने और लोगों के बीच में रखो। इस तरह तुम्हारी सारी सत्ता सुरक्षित रहेगी। तुम कोये की तरह उनकी सुरक्षा में रहोगे और कोई भी चीज़ तुम्हारी उस सुरक्षा को भेद न पायेगी।
संदर्भ : माँ तुमने ऐसा कहा था
एक या दो बार, बस खेल-ही-खेलमें आपने अपनी या श्रीअरविंदकी कोई पुस्तक ली और सहसा…
मेरे प्यारे बालक, तुम हमेशा मेरी भुजाओं में रहते हो और मैं तुम्हें सुख-सुविधा देने,…