भगवान के प्रति आज्ञाकारिता में सरलता के साथ सच्चे रहो – यह तुम्हें रूपांतर के मार्ग पर दूर तक ले जायेगा।
संदर्भ : माताजी के वचन (भाग -३)
श्रीअरविन्द सूक्ष्म-भौतिक में निरन्तर रहते हैं और वहां बहुत सक्रिय हैं। मैं प्रायः रोज उनसे…
हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…
कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती। सच्ची प्रगति है हमेशा भगवान् के…