वह सब जो जनता को खुश करने के लिए और सफलता पाने के लिए किया जाता है ओछा होता है और मिथ्यात्व की ओर ले जाता है।
सन्दर्भ : माताजी के वचन (भाग-३)
हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…
कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती। सच्ची प्रगति है हमेशा भगवान् के…