जो भी पूर्णता के मार्ग पर बढ़ना चाहता है उसे मार्ग में आने वाली कठिनाइयों के बारे में कभी शिकायत न करनी चाहिये, क्योंकि हर कठिनाई नयी प्रगति के लिये अवसर होती है। उसके बारे में शिकायत करना दुर्बलता और कपट का चिन्ह है ।
संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-२)
उनके दुःख-दर्द से तीव्र रूप से पीड़ित होकर मैं तेरी ओर मुड़ी और उसका उपचार…
भागवत शक्ति को ग्रहण करने की क्षमता प्राप्त करने तथा तुम्हारे माध्यम से बाह्य जीवन…
यह कभी न भूलो कि तुम अकेले नहीं हो । भगवान् तुम्हारे साथ हैं, तुम्हारी…
जहाँ कहीं तुम एक महान अंत देखो, निश्चित हो जाओ कि एक महान आरंभ हो…
हमें यादों से इतना स्नेह होता है क्योंकि वे सार्वभौमिक हैं। उनके अन्दर 'अनन्तता' के…