कोई महत्वकांक्षा न रखो, और सबसे बढ़ कर यह कि कभी किसी चीज़ का दावा न करो, हर क्षण, तुम अधिक-से-अधिक जो हो सकते हो वह बनो।
संदर्भ : शिक्षा के ऊपर
हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…
कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती। सच्ची प्रगति है हमेशा भगवान् के…