आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भारत जगत में सबसे आगे का देश है। आध्यात्मिक उदाहरण प्रस्तुत करना ही उसका मिशन है। श्रीअरविंद जगत को यही सिखाने के लिए धरती पर आये थे।
यह तथ्य इतना स्पष्ट है कि यहाँ का एक भोला और अज्ञानी कृषक भी, अपने ह्रदय में, यूरोप के बुद्धिजीवियों की अपेक्षा भगवान के अधिक निकट है।
संदर्भ : श्री मातृवाणी (खण्ड -१६)
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