भारत को, विशेष रूप से अभी इस क्षण, जिसकी ज़रूरत है वह है आक्रामक सदगुण, ऊँचे आदर्शवाद की भावना, साहसपूर्ण सृजनशीलता, निर्भीक प्रतिरोध, हिम्मत के साथ आक्रमण। निष्क्रिय तामसिक भावना तो हमारे पास पहले से ही अत्यधिक है।

संदर्भ : श्रीअरविंद (खण्ड-६)

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