केवल शांत स्थिरता में ही सब कुछ जाना और किया जा सकता है।
जो कुछ उत्तेजना और उग्रता में किया जाता है वह मतिभ्रंश और मूर्खता है । सत्ता में भागवत उपस्थिती का पहला चिन्ह है शांति ।
संदर्भ : शिक्षा के ऊपर
एक या दो बार, बस खेल-ही-खेलमें आपने अपनी या श्रीअरविंदकी कोई पुस्तक ली और सहसा…
मेरे प्यारे बालक, तुम हमेशा मेरी भुजाओं में रहते हो और मैं तुम्हें सुख-सुविधा देने,…