समय-समय पर अंदर दृष्टि डालना तथा यह अनुभव करना कि हम कुछ नहीं है, और कुछ नहीं कर सकते सदा ही अच्छा होता है। किंतु तब हमें तुझपर भी अपनी दृष्टि डालनी चाहिए, यह जानते हुए कि तू सब कुछ है और सब कुछ कर सकता है।
तू हमारे जीवन का जीवन है और हमारी सत्ता का प्रकाश है, तू हमारी भवितव्यता का स्वामी है।
सन्दर्भ : प्रार्थना और ध्यान

0 Comments