कुछ समय से मुझे आन्तरिक और बाह्य विक्षोभ के कारण नींद में कुछ परेशानी हो रही है। मैं आपसे सहायता के लिए प्रार्थना करता हूँ ।
सोने से पहले, जब तुम सोने के लिए लेटो, तो भौतिक रूप से अपने-आपको शिथिल करना शुरू करो (मैं इसे कहती हूँ बिस्तर पर लत्ता बन जाना) ।
फिर अपनी भरसक सच्चाई के साथ, अपने-आपको, पूर्ण शिथिलता में भगवान के हाथों में समर्पित कर दो, और . . . बस इतना ही ।
जब तक तुम सफल न हो जाओ कोशिश करते रहो और फिर तुम देखोगे ।
संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-३)
उनके दुःख-दर्द से तीव्र रूप से पीड़ित होकर मैं तेरी ओर मुड़ी और उसका उपचार…
भागवत शक्ति को ग्रहण करने की क्षमता प्राप्त करने तथा तुम्हारे माध्यम से बाह्य जीवन…
यह कभी न भूलो कि तुम अकेले नहीं हो । भगवान् तुम्हारे साथ हैं, तुम्हारी…
जहाँ कहीं तुम एक महान अंत देखो, निश्चित हो जाओ कि एक महान आरंभ हो…
हमें यादों से इतना स्नेह होता है क्योंकि वे सार्वभौमिक हैं। उनके अन्दर 'अनन्तता' के…