एक चीज़ के बारे में तुम निश्चित हो सकते हो – तुम्हारा भविष्य तुम्हारें ही हाथो में है। तुम वही आदमी बनोगे जो तुम बनना चाहते हो। तुम्हारा आदर्श और तुम्हारी अभीप्सा जितने ऊंचे होंगे तुम्हारी सिद्धि भी उतनी ही ऊंची होगी। लेकिन तुम्हें दृढ़ निश्चय रखना चाहिये और अपने जीवन के सच्चे लक्ष्य को कभी नहीं भूलना चाहिये।
संदर्भ : शिक्षा के ऊपर
मैं तुम्हें अपना पुराना मन्त्र बताती हूं; यह बाह्य सत्ता को बहुत शान्त रखता है…
अगर अपात्रता का भाव तुम्हें उमड़ती हुई कृतज्ञता से भर देता है और आनन्दातिरेक के…
कभी मत बुड़बुड़ाओ । जब तुम बुड्बुड़ाते हो तो तुम्हारे अन्दर सब तरह की शक्तियां…