मधुर माँ,

क्या ज्योतिष तथा अन्य विद्याएँ हमेशा ठीक-ठीक भविष्यवाणियाँ करती हैं या मनुष्य अभी तक यह करने में असमर्थ है?

मनुष्य जो कुछ करता है उसके पीछे उसकी अक्षमता तो रहती ही है। केवल वही जो भगवान के बारे में सचेतन हो चुका है और उनका कर्तव्यनिष्ठ यंत्र बन चुका है, वही भूल-भ्रांति से बच सकता है, बशर्ते कि वह केवल भागवत आदेश के अनुसार ही काम करे और उसमें कोई व्यक्तिगत चीज़ न जोड़ दे।

यह कहना पड़ेगा कि यह आसान नहीं है। इसे ठीक तरह से वही कर सकता है जिसमें अहंकार बाक़ी न रहा हो।

संदर्भ : श्रीमातृवाणी (खण्ड-१६)

शेयर कीजिये

नए आलेख

उनकी कृपा बरसेगी अवश्य…

जीवनयात्रा में समस्त भय, संकट और विपदा का सामना करने के लिए कवच के रूप…

% दिन पहले

भय

जिस चीज़ से मनुष्य डरता है, वह तब तक आते रहने की प्रवृत्ति रखती है, जब…

% दिन पहले

भारत माता के योग्य शिशु

​अपने तुच्छ, स्वार्थपूर्ण व्यक्तित्व से बाहर निकलो ओर अपनी भारतमाता के योग्य शिशु बनो ।…

% दिन पहले

चुनाव

वह समय आ गया है जब हमें एक चुनाव, मौलिक और सुनिश्चित चुनाव करना होगा।…

% दिन पहले

अवलोकन

प्यारी माँ, मैंने देखा है कि 'क' की उपस्थिती में मैं कुछ चीज़ें नहीं कर…

% दिन पहले

समस्या का निचोड़

सारी समस्या का निचोड़ यह है :  बुद्धि के मानसिक प्रशासन की जगह आध्यात्मिक चेतना…

% दिन पहले