तुम्हारे मित्र का यह विचार कि यहाँ से मंत्र मिलना आवश्यक है और उसके लिए उसका यहाँ आना अनिवार्य है,पूरी तरह ग़लत है। इस योग में कोई मंत्र नहीं दिया जाता । यह श्रीमाँ के प्रति चेतना का अंदर से खुलना है, और यही वास्तविक दीक्षा है ; यह केवल अभिप्सा द्वारा और माँ तथा प्राण के अंदर बेचैनी के त्याग द्वारा ही आ सकता है । इसे प्राप्त करने के लिए यहाँ आना उपाय नहीं है ।
संदर्भ : माताजी के विषय में
जीवनयात्रा में समस्त भय, संकट और विपदा का सामना करने के लिए कवच के रूप…
अपने तुच्छ, स्वार्थपूर्ण व्यक्तित्व से बाहर निकलो ओर अपनी भारतमाता के योग्य शिशु बनो ।…
सारी समस्या का निचोड़ यह है : बुद्धि के मानसिक प्रशासन की जगह आध्यात्मिक चेतना…