एक प्राचीन मनीषी ने कहा है :
” अशुभ नाम की कोई चीज़ नहीं है । बस, संतुलन की कमी है । ”
“कोई चीज़ बुरी नहीं है । सिर्फ चीज़ें अपने स्थान पर नहीं है । ”
संदर्भ : प्रश्न और उत्तर (१९५०-१९५१)
भूल या सजा देने का कोई प्रश्न ही नहीं है-अगर लोगों को हम उनकी भूलों…
इन छोटी-छोटी बातों से क्यों उत्तेजित हो जाते हो? या उनसे अपने को क्यों विचलित…
जो श्रद्धा वैश्व भगवान के प्रति जाती है वह लीला की आवश्यकताओं के कारण अपनी…
भगवान मुझसे क्या चाहते है ? वे चाहते है कि पहले तुम अपने-आपको पा लो,…