एक प्राचीन मनीषी ने कहा है :
” अशुभ नाम की कोई चीज़ नहीं है । बस, संतुलन की कमी है । ”
“कोई चीज़ बुरी नहीं है । सिर्फ चीज़ें अपने स्थान पर नहीं है । ”
संदर्भ : प्रश्न और उत्तर (१९५०-१९५१)
तुम पानी में गिर पड़ते हो। वह विपुल जलराशि तुम्हें भयभीत नहीं करती। तुम हाथ-पांव…
अंदर की बेचैनी ही तुम्हें आंतरिक और बाह्य रूप से नींद लेने से रोकती है।…
तुम्हें डरना नहीं चाहिये। तुम्हारी अधिकतर कठिनाइयां भय से आती है। वास्तव में, ९० प्रतिशत…
श्रीअरविंद ने कितनी ही बार इस बात को दोहराया है कि परमात्मा हास्यप्रिय हैं और…