… परिवेश का निश्चय ही व्यक्ति पर प्रभाव पड़ता है… यही कारण है कि तुम जहां रहो वहाँ अपना एक वातावरण बना लो (निश्चित रूप से उचित तरीके का वातावरण) और उसे बनाये रखो, तब तुम देखोगे कि सभी दूसरे अनुचित स्पंदन वातावरण से झड़ जायेंगे।
संदर्भ : श्रीअरविंद अपने विषय में
हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…
कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती। सच्ची प्रगति है हमेशा भगवान् के…