मेरी निम्न प्रकृति वही मूर्खतापूर्ण चीज़ें करती चली जा रही है । केवल आप ही उसे बदल सकती है। ‘आपकी ‘ क्या शर्तें है ?
१. पूरा-पूरा विश्वास होना चाहिये कि तुम बदल सकते हो ।
२. निम्न प्रकृति के बहानों को अस्वीकार करते हुए बदलने का संकल्प बनाये रखना ।
३.हर एक पतन के बावजूद संकल्प पर डटे रहना ।
४.तुम्हें जो सहायता प्राप्त होती है उस पर अविचल श्रद्धा रखना ।
संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-२)
तुम पानी में गिर पड़ते हो। वह विपुल जलराशि तुम्हें भयभीत नहीं करती। तुम हाथ-पांव…
अंदर की बेचैनी ही तुम्हें आंतरिक और बाह्य रूप से नींद लेने से रोकती है।…
तुम्हें डरना नहीं चाहिये। तुम्हारी अधिकतर कठिनाइयां भय से आती है। वास्तव में, ९० प्रतिशत…
श्रीअरविंद ने कितनी ही बार इस बात को दोहराया है कि परमात्मा हास्यप्रिय हैं और…