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श्रीअरविंद के पत्र

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भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है
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भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

by श्रीअरविंद 1 सप्ताह ago1 सप्ताह ago
मिथ्यात्व क्या है
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मिथ्यात्व क्या है

by श्रीअरविंद 2 महीना ago2 महीना ago
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    महर्षि श्रीअरविंद अपने कक्ष में
    श्रीअरविंद के वचन

    आधे घंटे का ध्यान

    दिन में आधे घंटे का ध्यान संभव होना चाहिये – यदि चेतना में केवल एकाग्रता की आदत डालनी हो, जो पहले तो कार्य करते समय...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    सरल तरीका

    … क्यों न सरल-सीधे ढंग से भगवान की ओर आगे बढ़ा जाये? सरल भाव से बढ्ने का मतलब है उन पर विश्वास रखना । यदि...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद के पत्र
    श्रीअरविंद के वचन

    केवल सत्य

    तुम जिस चरित्र-दोष की बात कहते हो वह सर्वसामान्य है और मानव प्रकृति में प्रायः सर्वत्र पाया जाता है। असत्य बात कहने का अथवा कम- से-कम...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद का चित्र
    श्रीअरविंद के वचन

    कार्य के प्रति मनोभाव

    अधिकतर लोग कार्यों को इसलिये करते हैं कि वे उन्हें करने पड़ते है, इसलिये नहीं कि उन्हें उनमें सुख प्राप्त होता है। प्रकृति केवल अपने...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद का चित्र
    श्रीअरविंद के वचन

    मेरा योग

    ऐसा लगता है कि तुम्हारें अन्दर पुकार उठी है और संभवतः तुम योग करने के लिए उपयुक्त हो; लेकिन योग के अनेक पथ हैं और...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    बाध्यता

    कोई भी हर व्यक्ति को हर चीज़ बताने के लिए बाध्य नहीं है – इससे प्राय: अच्छा होने की अपेक्षा हानि हो सकती है। हर...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    सन्यासी होना

    सन्यासी होना अनिवार्य नहीं है – यदि कोई ऊपरी चेतना में रहने के बजाय आन्तरिक चेतना में रहना सीख जाये, अपनी अन्तरात्मा या सच्चे व्यक्तित्व...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
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    प्रभु श्रीअरविंद
    श्रीअरविंद के वचन

    जैन दर्शन और पूर्ण योग

    जैन दर्शन का संबंध व्यक्तिगत पूर्णता से है। हमारा प्रयास बिल्कुल भिन्न है। हम एक नवीन शक्ति के रूप में अतिमानस को उतार लाना चाहते...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    कला के विषय में

    प्रत्येक कलाकार के अन्दर उसके प्राणिक-भौतिक भागों में सार्वजनिक व्यक्ति की कोई चीज़ होती है जो उसे श्रोता के प्रोत्साहन, सामाजिक प्रशंसा, गर्व की तृप्ति,...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद का चित्र
    श्रीअरविंद के वचन

    बाहरी विनम्रता

    एक आन्तरिक विनम्रता अत्यंत आवश्यक है, किन्तु मुझे नहीं लगता कि बाहरी विनम्रता बहुत उपयुक्त है (निस्संदेह दूसरों के साथ बाहरी व्यवहार में घमण्ड या...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 1 वर्ष ago1 वर्ष ago

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3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
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    स्थायी अचंचलता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    शांति मंत्र

    शांति मंत्र

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    घर और काम में साधना

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    अपात्रता का भाव

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    दो चीज़ें

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    कभी मत बुड़बुड़ाओ

    कभी मत बुड़बुड़ाओ

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    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

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    आंतरिक परिवर्तन

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    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    निराशा से दूर रहो

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ कक्षा लेते हुए
    क्या बच्चो को सज़ा देनी चाहिये?

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सच्चा सुख कब ?

    सच्चा सुख कब ?

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    तेरा आश्वासन

    तेरा आश्वासन

  • श्रीअरविंद का चित्र
    आध्यात्मिक जीवन में सफलता

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    प्रार्थना

    प्रार्थना

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    समग्र योग का अर्थ

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    श्रद्धा के नेत्र

    श्रद्धा के नेत्र

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    माताजी की शक्ति

    माताजी की शक्ति

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