माताजी के वचन भाग – ३

भारत की हर समस्या का समाधान

देश को कठिनाई से उबारने के लिए क्या करना चाहिये? श्रीअरविंद ने सभी मुश्किलों को पहले ही देख लिया था…

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भोजन और नींद

मैं अनुभव से जानती हूँ कि भोजन कम कर देने से नींद सचेतन नहीं हो जाती ; शरीर बेचैन हो…

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सजीव और स्थायी शांति

यह पृथ्वी तब तक सजीव और स्थायी शांति का उपभोग नहीं कर सकतीं जब तक मनुष्य अपने अन्तर्राष्ट्रीय व्यवहारों में…

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बीमारी में रुचि

अगर तुम बीमार पड़ते हो तो तुम्हारी बीमारी की इतनी व्याकुलता और भय से देख-रेख की जाती है, तुम्हारी इतनी…

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मिथ्यात्व से पीछा छुड़ाने का उपाय

जो लोग मिथ्यात्व से पीछा छुड़ाने के लिये उत्सुक हैं, उनके लिये एक उपाय है :   अपने-आपको खुश करने…

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संस्थाओं के लिये

कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती । सच्ची प्रगति है हमेशा 'भगवान' के अधिक निकट आना ।…

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मिथ्यात्व को जीतने की पहली शर्त

अतिमानस अपने-आपमें केवल 'सत्य' ही नहीं, बल्कि मिथ्यात्व का नितान्त निषेध है। अतिमानस ऐसी चेतना में कभी नहीं उतरेगा, प्रतिष्ठित…

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अतिमानस की स्थायी उपस्थिती

जब अतिमानसिक दैहिक मन में अभिव्यक्त होगा, केवल तभी उसकी उपस्थिती स्थायी हो सकती है । संदर्भ : माताजी के…

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ज्योतिषियों की बात

तुम ज्योतिषियों की बात पर विश्वास ही क्यों करते हो ? यह विश्वास ही मुश्किल लाता है ।   श्रीअरविन्द कहते हैं कि मनुष्य अपने…

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हिंसा का साधन

किसी उद्देश्य की विजय के लिए हिंसा कभी भी बहुत अच्छा साधन नहीं होती। कोई अन्याय द्वारा न्याय, घृणा द्वारा…

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