भगवान के लिये सच्चा प्रेम है, बिना कुछ माँगे अपने-आपको दे देना। वह प्रेम समर्पण और उत्सर्ग से भरा होता…
हे मेरे मधुर स्वामी, कितनी तीव्रता के साथ मेरा प्रेम तेरे लिए अभीप्सा करता है। ... वर दे कि मैं…
एकमात्र चीज़ जो महत्वपूर्ण हैं, एकमात्र चीज़ जिसका मूल्य है, वह है 'तेरे' साथ आधिकाधिक पूरी तरह से तदात्म होने…
साधक : "उच्चतर चेतना में उठने या उस तक छलांग लगाने के लिए क्या किया जाये ? " श्रीमाँ :…