माताजी, पता नहीं क्यों, दो-तीन दिन से मैं कुछ उदास हैं। माताजी, कभी-कभी जब मैं अवसाद में होती है, जब…
सभी खिन्नता और विषाद को विरोधी शक्तियाँ ही पैदा करती हैं, उन्हें तुम्हारें ऊपर उदासी फेंक कर जितनी ख़ुशी होती…
आश्रम में दो तरह के वातावरण हैं, हमारा तथा साधकों का। जब ऐसे व्यक्ति जिसमें अनुभूति पाने की कुछ क्षमता…
अगर तुम उदास हो, अगर तुम अपने-आपको दुखी अनुभव करते हो, अगर तुम जो कुछ हाथ में लेते हो उसी…
योग करने के लिए हमेशा मुंह गंभीर बनाये रखना या चुप रहना आवश्यक नहीं है, पर आवश्यक है कि योग…