श्री माँ के वचन

प्रार्थना

तुझे प्रणाम है हे भगवान् ! हे संसार के स्वामी ! हमें ऐसी शांति दे कि हम कर्म में आसक्त…

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तुम्हारा समय बीत गया

तुम इस समय यहाँ, यानी, धरती पर इसलिए हो क्योंकि एक समय तुमने यह चुनाव किया था - अब तुम्हें…

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मिथ्यात्व

मरने से पहले, मिथ्यात्व अपनी पूरी पेंग में उठता है । अभी तक मनुष्य केवल विध्वंस के पाठ को ही…

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दुख का कारण

यह एक तथ्य है कि जब कोई मार्ग पर समय नष्ट न करने का भरसक प्रयत्न करता है तो जो…

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हमारी कोशिश

संसार दुःख-दर्द और कष्टों से भरा है। हमें कोशिश करनी चाहिये कि कभी किसी के दुःख-दर्द को बढ़ाने वाले न…

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प्रार्थना

मेरी अभीप्सा  तेरी ओर उठ रही है, अपने रूप में सदा वैसी ही बचकानी, अपनी सरलता में अतिसामान्य, लेकिन मेरी…

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भारत की भूमिका

वर्तमान राजनीति में भारत को क्या कोई विशेष भूमिका निभानी है ? ... भारत को जगत में एक भूमिका निभानी…

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दुनिया की ग़लतियाँ?

जब तक तुम्हारें अन्दर धरती को बदलने की शक्ति न हो  तब तक यह कहना बेकार है कि दुनिया ठीक…

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स्थिरता और तमस

स्थिरता और तमस में घपला मत करो। स्थिरता है, आत्म-संयत शक्ति, अचंचल और सचेतन ऊर्जा, आवेशों पर प्रभुत्व और अचेतन…

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सच्चे ‘सत्य’ की अभिव्यक्ति

जैसे ही मनुष्य को यह विश्वास हो जाये कि एक जीवन्त और वास्तविक 'सत्य' इस यथार्थ जगत् में व्यक्त होने…

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