श्री माँ

भागवत विरक्ति

मधुर मां, "भागवत विरक्ति" क्या है? ओह, मेरे बच्चे! (मौन) यह ऐसी विरक्ति है जो असीम करुणा से भरपूर है।…

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लेखन के विषय में

क्या तुम्हें नहीं लगता कि इस संसार में कुत्सित वस्तुएँ पर्याप्त हैं और इसकी कोई आवश्यकता नहीं कि कोई व्यक्ति…

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उचित मनोवृत्ति की शक्ति

यदि जो होने वाला है उसकी परिस्थिति में तुम अपने लिए अधिक-से-अधिक सम्भव ऊंची मनोवृत्ति अपना सको अर्थात्, यदि तुम…

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पहली अतिमानसिक जाति

ऐसा लगता है कि कुछ लोगों ने ऐसा समझा कि मैं यह घोषणा कर रही हूँ कि अतिमानस अभी दस…

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अतीत की उपयोगिता

होना यह चाहिये कि सारा अतीत हमेशा ऐसे पायदान या सीढ़ी की तरह हो जो तुम्हें आगे ले जाये, जिसका…

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श्रद्धा की तीव्रता

यदि कोई कहे : "मुझे परिणाम के विषय में निश्चय है, मैं जानता हूं कि मैं जो चाहता हूं वह…

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आर्थिक स्थिति का सुधार

क्या चेतना के सुधार से आदमी की आर्थिक स्थिति सुस्थिर हो जाती है ? यदि ''चेतना के सुधार'' का मतलब…

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धम्मपद की शिक्षा

मुलतः धम्मपद के सूत्रों से यह शिक्षा मिलती है कि व्यक्ति के लिए दिखायी देने की अपेक्षा होना अधिक आवश्यक…

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सत्ता का एकीकरण

मधुर माँ, हम अपनी सत्ता को एक कैसे कर सकते हैं? पहला चरण है, अपने अन्दर गहराई में कामनाओं और…

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सच्चे आध्यात्मिक जीवन का आरम्भ

साधारण जीवन में लाखों में से एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं होता जिसका अपनी चैत्य चेतना के साथ सचेतन सम्पर्क…

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