‘लपसी’-माहात्म्य
अगले दिन सवेरे सवा चार बजे जेल की घण्टी बजी। कैदियों को जगाने के लिए यह पहली घण्टी थी। कुछ मिनट बाद दूसरी बजती, इसके...
अगले दिन सवेरे सवा चार बजे जेल की घण्टी बजी। कैदियों को जगाने के लिए यह पहली घण्टी थी। कुछ मिनट बाद दूसरी बजती, इसके...
कारावास का पहला दिन शान्ति से कट गया। सभी कुछ था नया, इससे मन में स्फूर्ति जगी। लालबाज़ार की हवालात से तुलना करने पर इस...
कम्बल, थाली-कटोरी का प्रबन्ध कर जेलर के चले जाने पर कम्बल पर बैठ मैं जेल का दृश्य देखने लगा। लालबाज़ार की हवालात की अपेक्षा यह...
नहाने की व्यवस्था से पीने के पानी की व्यवस्था और भी निराली थी। गर्मी का मौसम, मेरे छोटे-से कमरे में हवा का प्रवेश लगभग निषिद्ध...
गृह-सामग्री में और भी चीजें थीं: एक नहाने की बाल्टी, पानी रखने को एक टीन की नलाकार बाल्टी और दो जेल के कम्बल। स्नान की...
निर्जन कारावास की पहली अवधि के बाद जब हमें एक साथ रखा गया तब मेरे सिविलियन के अधिकारों का पृथकीकरण हुआ,-अधिकारियों ने शौच के लिए...
हमारा वासस्थान था तो ऐसा, लेकिन साज-सरंजाम में भी हमारे सहदय कर्मचारियों ने आतिथ्य संस्कार में कोई त्रुटि नहीं की। एक थाली और एक कटोरा...
मेरा निर्जन कारागृह था नौ फीट लम्बा और पाँच-छ: फीट चौडा ,इसमें कोई खिडकी नहीं, सामने था एक बृहत् लोह कपाट; यह पिंजरा ही बना...
भगवान् के अवतार के आने का आन्तरिक फल उन लोगों को प्राप्त होता है जो भगवान् की इस क्रिया से दिव्य जन्म और दिव्य कर्मों...