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श्रीअरविंद

Posted by श्रीअरविंद

  • 1190
    अखंड भारत का नक्शा श्रीअरविंद आश्रम
    श्रीअरविंद के वचन

    भारत का मिशन

    भारत का मिशन या जीवन-लक्ष्य है मानवता को मानव-स्वातन्त्र्य, मानव-समानता, मानव-भ्रातृत्व के सच्चे उद्गम की ओर पुनः निर्देशित करना। जब मनुष्य आत्मा में स्वतन्त्र होता...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 520
    महाप्रभु श्रीअरविंद घोष
    श्रीअरविंद के वचन

    योग क्या है

    जो ‘सर्वोच्च है उसके साथ तुम्हारी सत्ता का सब प्रकार से एक हो जाना—यह योग है। जो अखिल है उसके साथ तुम्हारी सत्ता का सब...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 1170
    15 अगस्त 2019 दर्शन संदेश श्रीअरविंद का जन्मदिवस
    श्रीअरविंद के वचन

    ऐक्य के त्रिविध स्वरूप

    ….. ऐक्य के तीन स्वरूप हैं। एक ऐक्य तादात्म्य के द्वारा आध्यात्मिक सत्त्व में होता है; एक अन्य प्रकार का ऐक्य इस सर्वोच्च ‘सत्ता’ और...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 440
    श्रीअरविंद का चित्र
    श्रीअरविंद के वचन

    समुचित मार्ग

    (अधिकतर साधक) अहंकारी होते हैं और वे अपने अहंभाव को अनुभव या स्वीकार नहीं करते। उनकी साधना में भी ‘मैं’ का भाव हमेशा प्रत्यक्ष रूप...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 860
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    कुछ भी असंभव नहीं

    यदि चैत्य पुरुष की प्रकृति जाग्रत हो जाए, अपने पीछे विद्यमान माताजी की चेतना और शक्ति के द्वारा तुम्हारा पथ-प्रदर्शन करे तथा तुम्हारे अंदर कार्य...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 240
    श्रीअरविंद का चित्र
    श्रीअरविंद के वचन

    रूपान्तर की अवस्थाएँ

    भागवत चेतना की विभिन्न अवस्थाएँ होती हैं। रूपांतर की भी विभिन्न अवस्थाएँ होती है। पहली है, चैत्य रूपांतर, जिसमें चैत्य चेतना के द्वारा सभी कुछ...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 620
    महर्षि श्रीअरविंद अपने कक्ष में
    श्रीअरविंद के वचन

    ध्यान में दो सामान्य कठिनाइयां

    मन हमेशा सक्रिय रहता है, किन्तु हमलोग पूरी तरह से यह नहीं देखते कि यह क्या कर रहा है, पर हम अपने-आपको सतत सोच-विचार के...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 310
    श्रीअरविंद के पत्र
    श्रीअरविंद के वचन

    अधिक पाने के लिये अभीप्सा

    मनुष्य को जो कुछ उसे मिलता है उससे संतुष्ट रहना चाहिये फिर भी शांत- रूप से, बिना संघर्ष के, और अधिक पाने के लिये अभीप्सा करनी...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 660
    श्रीअरविंद का चित्र
    श्रीअरविंद के वचन

    हमारी वास्तविक सत्ता तथा इसके यन्त्र

    मनुष्य अपनी वास्तविक प्रकृति में… एक आत्मा है जो मन, प्राण तथा शरीर का उपयोग व्यक्तिगत तथा सामुदायिक अनुभव के लिए और विश्व में आत्माभिव्यक्ति...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 370
    श्रीअरविंद के पत्र
    श्रीअरविंद के वचन

    श्रद्धा आवश्यक है

    … शुरू से अन्त तक तथा प्रत्येक पग पर श्रद्धा आवश्यक है क्योंकि यह अन्तरात्मा की एक ऐसी अनुमति है जो अपेक्षित है और इस...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago

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3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
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    विनम्र बनने का गलत तरीका

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    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

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    मैं तुम्हारे साथ हूं

    मैं तुम्हारे साथ हूं

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    सतत ‘उपस्थिती’

    सतत ‘उपस्थिती’

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    आत्मा का अनुगमन

    आत्मा का अनुगमन

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    पूंजीवाद

    पूंजीवाद

  • स्थायी अचंचलता

    स्थायी अचंचलता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    शांति मंत्र

    शांति मंत्र

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    घर और काम में साधना

    घर और काम में साधना

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    अपात्रता का भाव

    अपात्रता का भाव

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    दो चीज़ें

    दो चीज़ें

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    कभी मत बुड़बुड़ाओ

    कभी मत बुड़बुड़ाओ

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आंतरिक परिवर्तन

    आंतरिक परिवर्तन

  • महर्षि श्रीअरविंद का चित्र
    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    निराशा से दूर रहो

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ कक्षा लेते हुए
    क्या बच्चो को सज़ा देनी चाहिये?

    क्या बच्चो को सज़ा देनी चाहिये?

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सच्चा सुख कब ?

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© 2026 श्रीअरविंद और श्रीमाँ के चरणों में In Search of The Mother

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