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Posted by श्रीअरविंद

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    महर्षि श्रीअरविंद और श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    आध्यात्मिक स्वप्न

    जब किसी साधक को आध्यात्मिक सत्य के स्वप्न आते हैं तो क्या इसका यह अर्थ नहीं होता कि उसकी प्रकृति का रूपांतर हो रहा है...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 190
    महाप्रभु श्रीअरविंद
    श्रीअरविंद के वचन

    संभावना

    जो लोग पूरी तरह सांसारिक जीवन में फंसे रहते हैं और कठिनाई या विपत्ति के समय ही भगवान को याद करते है, क्या ऐसे लोगों...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 560
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    अपना वातावरण

    … परिवेश का निश्चय ही व्यक्ति पर प्रभाव पड़ता है… यही कारण है कि तुम जहां रहो वहाँ अपना एक वातावरण बना लो (निश्चित रूप...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
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    महाप्रभु श्रीअरविंद घोष
    श्रीअरविंद के वचन

    प्रार्थना कैसे करें ?

    भगवान हृदय में देखते हैं और जब समझते हैं कि अब ठीक समय आ गया है, तब पर्दा हटा देते हैं। तुमने भक्ति के सिद्धान्त...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 440
    प्रभु श्रीअरविंद
    श्रीअरविंद के वचन

    तुम्हारा जीवन

    यह समझो कि तुम्हारा जीवन तुम्हें केवल भागवत कर्म के लिए और भागवत अभिव्यक्ति में सहायता देने के लिए दिया गया है। पवित्रता, शक्ति, प्रकाश,...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago1 वर्ष ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    काम में रस

    आपने लिखा था, “काम में रस होना चाहिये। ” लेकिन मैं पूर्ण रस या मजा नहीं ले पाता।  कार्य की उत्तम अवस्था है कि तुम...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 270
    श्रीअरविंद और श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    आश्रम की सीमाएं

    आश्रम का परिवेश, उसकी सीमाएं क्या हैं ? वह प्रत्येक घर जिसमें साधक रहते हैं आश्रम की सीमा के अंदर हैं । बड़ी अजीब बात...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 330
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    आध्यात्मिक जीवन की पहली आवश्यकता

    …विनम्रता पहली आवश्यकता है, क्योंकि जिसमें अहंकार और घमण्ड है वह परम या उच्चतम की सिद्धि नहीं पा सकता। संदर्भ : श्रीअरविंद के पत्र

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 390
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    पूर्ण योग कोई नहीं कर सकता

    यह कहा जा सकता है कि मैं पूर्णयोग कर रहा हूँ ? प्रत्येक व्यक्ति जो श्रीमाँ की ओर मुड़ा है,  हमारा योग कर रहा है...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
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    महायोगी महर्षि श्रीअरविंद
    श्रीअरविंद के वचन

    वैराग्य का प्रशिक्षण

    न कोई आनंद, न बल। पढ़ने-लिखने की इच्छा भी नहीं होती-मानो कोई मुर्दा आदमी चल – फिर रहा हो। आप समझ रहे हैं मेरी स्थिति...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago

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3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
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    मैं तुम्हारे साथ हूं

    मैं तुम्हारे साथ हूं

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    सतत ‘उपस्थिती’

    सतत ‘उपस्थिती’

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    आत्मा का अनुगमन

    आत्मा का अनुगमन

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    पूंजीवाद

    पूंजीवाद

  • स्थायी अचंचलता

    स्थायी अचंचलता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    शांति मंत्र

    शांति मंत्र

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    घर और काम में साधना

    घर और काम में साधना

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    अपात्रता का भाव

    अपात्रता का भाव

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    दो चीज़ें

    दो चीज़ें

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    कभी मत बुड़बुड़ाओ

    कभी मत बुड़बुड़ाओ

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आंतरिक परिवर्तन

    आंतरिक परिवर्तन

  • महर्षि श्रीअरविंद का चित्र
    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    निराशा से दूर रहो

    निराशा से दूर रहो

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ कक्षा लेते हुए
    क्या बच्चो को सज़ा देनी चाहिये?

    क्या बच्चो को सज़ा देनी चाहिये?

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सच्चा सुख कब ?

    सच्चा सुख कब ?

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    तेरा आश्वासन

    तेरा आश्वासन

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    आध्यात्मिक जीवन में सफलता

    आध्यात्मिक जीवन में सफलता

© 2026 श्रीअरविंद और श्रीमाँ के चरणों में In Search of The Mother

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