प्रतीक्षा करो

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ठहरो और प्रतीक्षा करो। परिणाम निश्चित है-लेकिन मार्ग और समय अनिश्चित हैं । संदर्भ : माताजी के वचन (भाग -…

वाणी और क्रिया में सच्चाई

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यह निश्चित है कि बिना किसी कष्ट के सत्य बोल सकने के लिए सबसे अच्छा तरीका यह है कि हम…

आध्यात्मिक प्रगति

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आध्यात्मिक प्रगति बाह्य परिस्थितियों पर निर्भर नहीं करती, जैसी कि हम आन्तरिक रूप से परिस्थितियों के बारे में प्रतिक्रिया करते…

छेदवाला सिक्का – श्रीमाँ की कहानी

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पुराने जमाने में कुछ लोग सोचते थे कि एक कटे किनारों वाला सिक्का... वह ऐसा जमाना था जब सिक्कों में…

दुःख और कष्ट का मूल

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अप्रिय विचार अप्रिय भावनाएं लाते हैं--अप्रिय भावनाएं तुम्हें भगवान् से दूर ले जाती हैं और तुम्हें उस शैतान के हाथों…

भागवत करुणा और न्याय का कठघरा

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भूल या सजा देने का कोई प्रश्न ही नहीं है-अगर लोगों को हम उनकी भूलों के लिए अपराधी ठहरायें या…

साहस और प्रेम

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साहस और प्रेम ही अनिवार्य गुण हैं; और यह सब गुण यदि धुँधले या निस्टेज पड़ जायें फिर भी ये…

आगे बढ़ने का रहस्य

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इन छोटी-छोटी बातों से क्यों उत्तेजित हो जाते हो? या उनसे अपने को क्यों विचलित होने देते हो? यदि तुम…

परात्पर भगवान की ओर

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जो श्रद्धा वैश्व भगवान के प्रति जाती है वह लीला की आवश्यकताओं के कारण अपनी क्रियाशक्ति में सीमित रहती है…

भागवत कार्य में स्थान

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भगवान मुझसे क्या चाहते है ? वे चाहते है कि पहले तुम अपने-आपको पा लो, कि तुम अपनी सच्ची सत्ता,…