भगवान के प्रति आज्ञाकारिता में सरलता के साथ सच्चे रहो - यह तुम्हें रूपांतर के मार्ग पर दूर तक ले…
सच्चा ध्यान क्या है ? वह भागवत उपस्थिती पर संकल्प के साथ सक्रिय रूप से की गयी एकाग्रता है और…
स्वयं मुझे यह अनुभव है कि तुम शारीरिक रूप से, अपने हाथों से काम करते हुए भी पूरी तरह ध्यानस्थ…
अधिकतर लोग कार्यों को इसलिये करते हैं कि वे उन्हें करने पड़ते है, इसलिये नहीं कि उन्हें उनमें सुख प्राप्त…
मधुर माँ, जब श्रीअरविंद चेतना के परिवर्तन की बात करते हैं तो उनका अर्थ क्या होता है ? सामान्य अज्ञानभरी…
आज हमारी शिक्षा कौन - से दोषों और भ्रांतियों का शिकार है ? हम उनसे कैसे बच सकते हैं ?…
यदि सचमुच में हम, ठीक से जान सकें जीवन के उत्सव के हर विवरण को, भौतिक जीवन में प्रभु की…
अहंकार उसके बारे में सोचता है जो उसके पास नहीं है और जिसे वह चाहता है। यही उसका निरन्तर मुख्य…
ऐसा लगता है कि तुम्हारें अन्दर पुकार उठी है और संभवतः तुम योग करने के लिए उपयुक्त हो; लेकिन योग…
भागवत कृपा मौजूद है - अपने द्वार खोलो और उसका स्वागत करो। मेरे प्रेम और आशीर्वाद सहित । संदर्भ :…