कोशिकाओं का सहारा

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मैं कह सकती हूँ कि देह के कोषों को अपना सहारा, अपना आधार सिर्फ़ 'दिव्यता' में खोजना होगा, तब तक…

अग्नि परीक्षा

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सभी अग्नि-परीक्षाओं के लिए कृतज्ञ होओ क्योंकि वे भगवान की ओर ले जाने वाले छोटे-से-छोटे रास्ते हैं। संदर्भ : माताजी…

अनुभूति खोने का डर

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बहुधा हम उस चीज से चिपके रहते हैं जो थी, हमें पिछली अनुभूति के परिणाम को खोने का डर रहता…

सत्य का यंत्र

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यदि तुम सत्य का यन्त्र बनना चाहो तो तुम्हें सदा सच ही बोलना होगा न कि झूठ। किन्तु इसका अर्थ…

मानवता की समग्र पूर्णता

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भागवत सत्ता की प्रकृति केवल स्वाधीनता की ही नहीं है वरन शुद्धता, परमानंद तथा पूर्णता की भी है। एक समग्र…

सामूहिक कार्य और सामूहिक साधना

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कोई भी व्यक्तिगत एकाकी रूपान्तर, यानी, बस व्यक्ति रूपान्तरित हो जाये, न सम्भव है न ही उपयोगी। साथ ही, कोई…

सर्वदा आगे

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जब हमारे अंदर का ज्ञान नया होता है तब वह अजेय होता है; जब वह पुराना हो जाता है तब…

सफल अध्यापक की विशेषताएँ

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१. पूरा-पूरा आत्म-संयम, केवल इतना ही नहीं कि अपना क्रोध न दिखलाओ, बल्कि सभी परिस्थितियों में पूरी तरह शान्त. स्थिर…

श्रीकृष्ण की प्राप्ति

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यदि व्यक्ति श्रीकृष्ण को पाना चाहता है, तो वह उन्हें पा लेता है किन्तु वे ऐसे देव हैं जो बड़ी…

किसका भय

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जो भगवान का है उसे भला किसका डर हो सकता है ? क्या वह भगवान के बताये मार्ग पर -…