अर्पण का रूप

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प्यारी माँ, आपका प्रेम ही मेरे लिए सच्चा आश्रय और बल है। माँ, मैं आपको जो कुछ अर्पित करता हूँ…

प्रार्थना और नियति

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कौन कहता है कि एक पर्याप्त सच्ची अभीप्सा, एक पर्याप्त तीव्र प्रार्थना, उन्मीलन के मार्ग को बदलने में सक्षम नहीं है?…

महाकाली का कार्य

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(महाकाली के कार्य के बारें मे माताजी का वक्तव्य) समस्त विनाश के पीछे, चाहे वे प्रकृति के भूकंप, ज्वालामुखी, तूफान,…

योग का मौलिक उद्देश्य

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हमारी सत्ता तथा समस्त सत्ता का भागवत सत्य के साथ ऐक्य ही योग का मौलिक उद्देश्य है। मन में इस…

दिव्य माँ के हाथों में बालक

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योगी, सन्यासी, तपस्वी बनना यहाँ का उद्देश्य नहीं है। हमारा उद्देश्य है रूपांतर, और तुमसे अनन्तगुना बड़ी शक्ति के द्वारा…

मनुष्य

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यदि सारे विश्व में मनुष्य जैसा दुर्बल कोई नहीं हैं तो उस जैसा दिव्य भी नहीं है । संदर्भ :…

परमात्मा की इच्छा

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मधुर माँ, स्त्र्षटा  ने इस जगत और मानवजाति की रचना क्यों की है? क्या वह हमसे कुछ आशा करता हैं?…

सफ़ेद ज्योति

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सफ़ेद ज्योति श्रीमाँ की ज्योति है। जहां कहीं वह उतरती है या प्रवेश करती है वही वह शांति, पवित्रता, निश्चलता-नीरवता…

अद्भुत अवसर

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हम उन देव मुहूर्तों में से एक में है जब पुराने आधार डगमगा जाते हैं और बड़ी अव्यवस्था रहती हैं;…

धीमी प्रगति

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प्रगति धीमी हो सकती है, पतन बार-बार हो सकते हैं, परंतु यदि साहसपूर्ण संकल्प बनाये रखा जाये, तो यह निश्चित…