सामान्य जीवन से बस व्याकुलता भरा असंतोष इस योग के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं है। आध्यात्मिक जीवन में सफलता पाने के लिए एक निश्चित आंतरिक पुकार, प्रबल इच्छा और मानसिक स्थिरता अनिवार्य है।
संदर्भ : श्रीअरविंद के पत्र (भाग-२)
किसी भी ग़लत गति को भूमिगत की जगह उसे निवेदित कर देना चाहिये। उस चीज़…
सारा जीवन ही धर्मक्षेत्र है, संसार भी धर्म है। केवल आध्यात्मिक ज्ञानलोचना और शक्ति की…
भगवान् के प्रति पूर्ण आत्मदान के लिए तीन विशेष विधियां : १. सारे गर्व को…