श्रीमाँ का संपर्क सारे दिन और सारी रात भी बना रहता है । अगर तुम सारे दिन उनके साथ उचित संपर्क बनाये रखो तो प्रणाम भी अपना उचित फल लाएगा, क्योंकि ग्रहण करने के लिए तुम उचित अवस्था में होंगे ।
संदर्भ : माताजी के विषय में
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इन छोटी-छोटी बातों से क्यों उत्तेजित हो जाते हो? या उनसे अपने को क्यों विचलित…
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भगवान मुझसे क्या चाहते है ? वे चाहते है कि पहले तुम अपने-आपको पा लो,…