श्रेणियाँ श्री माँ के वचन

श्रीअरविंद का कार्य

मैं श्रीअरविंद से मिलने के लिए भारत आयी। मैं श्रीअरविंद के साथ रहने के लिए भारत में रही। जब उन्होंने अपना शरीर त्याग, तब भी मैं यहाँ रह रही हूँ ताकि उनका काम पूरा करूँ। उनका काम है ‘सत्य’ की सेवा करके मानवजाति को प्रकाश देते हुए धरती पर ‘भागवत प्रेम’ के राज्य को जल्दी लाना।

संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-१)

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