क्या यह सम्भव है कि काम करते समय यह याद रखा जाये कि हमारे द्वारा माताजी ही काम कर रही हैं ?
अगर वह कर्म है तो तुम हमेशा कर सकते हो, यह याद रखो कि यह यंत्र पर निर्भर करता है कि माताजी की शक्ति खुल कर काम करती है या नहीं ।
संदर्भ : एक युवा साधक के नाम पत्र (नगीन दोशी)
एक या दो बार, बस खेल-ही-खेलमें आपने अपनी या श्रीअरविंदकी कोई पुस्तक ली और सहसा…
मेरे प्यारे बालक, तुम हमेशा मेरी भुजाओं में रहते हो और मैं तुम्हें सुख-सुविधा देने,…