माताजी की शक्ति केवल ऊपर , सत्ता के शिखर पर ही नहीं है, वह तुम्हारें साथ और तुम्हारे पास भी है। जिस समय तुम्हारी प्रकृति उसे कार्य करने देगी उस समय कार्य करने के लिए वह तैयार बैठी है ।
संदर्भ : माताजी के विषय में
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