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भौतिक चीजों की देखभाल

तुम जिन भौतिक चीजों का उपयोग करते हो उनको ठीक से सम्भाल कर न रखना निश्चेतना और अज्ञान का चिह्न है ।  अगर तुम भौतिक चीज की–वह चाहे कुछ भी क्यों न हो–देखभाल नहीं करते तो तुम्हें उसका उपयोग करने का कोई अधिकार नहीं है ।  तुम्हें उसकी देखभाल इसलिए नहीं करनी चाहिये कि तुम उससे आसक्त हो बल्कि इसलिए कि वह भी भागवत चेतना के कुछ अंश को अभिव्यक्त करती है ।

सन्दर्भ : माताजी के वचन (भाग-२)

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