मैं अनुभव से जानती हूँ कि भोजन कम कर देने से नींद सचेतन नहीं हो जाती ; शरीर बेचैन हो उठता है लेकिन यह चीज़ किसी तरह चेतना को नहीं बढ़ाती। अच्छी, गहरी और शांत नींद में ही तुम अपने किसी गंभीर भाग के संपर्क में आ सकते हो ।
संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-३)
एक या दो बार, बस खेल-ही-खेलमें आपने अपनी या श्रीअरविंदकी कोई पुस्तक ली और सहसा…
मेरे प्यारे बालक, तुम हमेशा मेरी भुजाओं में रहते हो और मैं तुम्हें सुख-सुविधा देने,…