समाजवादी चाहते हैं पूंजीवाद को खत्म करना, किन्तु ऐसा न करना बेहतर होगा। वे राष्ट्रीय संपत्ति के स्तोत्र हैं। उन्हें राष्ट्र के हित में खर्च करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिये। कर लगाना ठीक है, किन्तु तुम्हें उत्पादन बढ़ाना होगा, नये उद्योग आरम्भ करने होंगे और जीवन-स्तर को भी उपर उठाना होगा। इसके बिना यदि तुम करों में वृद्धि करोगे तब मन्दी की स्थिति आ जायेगी।

संदर्भ : सांध्य वार्ताएं

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