कुछ समय से मुझे आन्तरिक और बाह्य विक्षोभ के कारण नींद में परेशानी हो रही है। मैं आपसे सहायता के लिए प्रार्थना करता हूँ।
सोने से पहले, जब तुम सोने के लिए लेटो, तो भौतिक रूप से अपने-आपको शिथिल करना शुरू करो (मैं इसे कहती हूँ बिस्तर पर लत्ता बन जाना) ।
फिर अपनी भरसक सच्चाई के साथ, अपने-आपको, पूर्ण शिथिलता में भगवान के हाथों में समर्पित कर दो, और … बस इतना ही।
जब तक तुम सफल न हो जाओ कोशिश करते रहो और फिर तुम देखोगे।
संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-३)
मैं तुम्हें अपना पुराना मन्त्र बताती हूं; यह बाह्य सत्ता को बहुत शान्त रखता है…
अगर अपात्रता का भाव तुम्हें उमड़ती हुई कृतज्ञता से भर देता है और आनन्दातिरेक के…
कभी मत बुड़बुड़ाओ । जब तुम बुड्बुड़ाते हो तो तुम्हारे अन्दर सब तरह की शक्तियां…