केवल एक ही चीज़ है जिसके बारे में मुझे पूरा विश्वास है, और वह है, मैं कौन हूँ। श्रीअरविंद भी यह जानते थे और उन्होने इसकी घोषणा की थी। समस्त मानवजाति के संदेह इस तथ्य में कुछ न बदल सकेंगे।
संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-१)
श्रीअरविन्द सूक्ष्म-भौतिक में निरन्तर रहते हैं और वहां बहुत सक्रिय हैं। मैं प्रायः रोज उनसे…
हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…
कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती। सच्ची प्रगति है हमेशा भगवान् के…