क्या काल्पनिक कहानियों का कोई मूल्य नहीं होता?
यह निर्भर करता है कल्पना के स्वरूप पर। यदि तुम यह कहो कि अपनी कल्पना-शक्ति को विकसित करना अच्छी बात है तो यह सच है, केवल तुम्हें इस बात के लिए सावधान रहना होगा कि कही तुम असत्य कल्पना न विकसित कर लो।
संदर्भ : प्रश्न और उत्तर १९५०-१९५१
जब तुम अधीर हो उठो और अपने-आपसे कहो : "आह, मुझे यह करने में सफल…
श्रद्धा, भगवान् के ऊपर निर्भरता, भागवत शक्ति के प्रति आत्म-समर्पण और आत्मदान-ये सब आवश्यक और…
तुम्हें चीजों को उसी तरह बढ़ने देना चाहिये जैसे प्रकृति में पौधे बढ़ते हैं। हम…
समस्त धन-सम्पदा भगवान् की है, भगवान् उसे जीवित प्राणियों को उधार देते है और स्वभावत:…
सत्ता के पूर्ण आध्यात्मिक जीवन के लिये तैयार हों जाने से पहले सांसारिक जीवन का…