हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ?
मानसिक गतिविधि की अतिशयता ही तुम्हें मेरी उपस्थिति का अनुभव करने से रोकती है ।
संदर्भ : श्रीमाँ का वार्तालाप शान्ति दोशी के साथ
मैं तुम्हें अपना पुराना मन्त्र बताती हूं; यह बाह्य सत्ता को बहुत शान्त रखता है…
अगर अपात्रता का भाव तुम्हें उमड़ती हुई कृतज्ञता से भर देता है और आनन्दातिरेक के…
कभी मत बुड़बुड़ाओ । जब तुम बुड्बुड़ाते हो तो तुम्हारे अन्दर सब तरह की शक्तियां…