हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ?
मानसिक गतिविधि की अतिशयता ही तुम्हें मेरी उपस्थिति का अनुभव करने से रोकती है ।
संदर्भ : श्रीमाँ का वार्तालाप शान्ति दोशी के साथ
एक या दो बार, बस खेल-ही-खेलमें आपने अपनी या श्रीअरविंदकी कोई पुस्तक ली और सहसा…
मेरे प्यारे बालक, तुम हमेशा मेरी भुजाओं में रहते हो और मैं तुम्हें सुख-सुविधा देने,…