अवसाद हमेशा तीव्र अहंकार का द्योतक होता है। जब तुम उसे अपने समीप आते हुए अनुभव करो तो अपने – आपसे कहो : “मैं अहंकार की बीमारी की अवस्था में हूँ, मुझे अपने – आपको इससे मुक्त करना होगा ।”
संदर्भ : प्रश्न और उत्तर १९५०-१९५१
जीवनयात्रा में समस्त भय, संकट और विपदा का सामना करने के लिए कवच के रूप…
अपने तुच्छ, स्वार्थपूर्ण व्यक्तित्व से बाहर निकलो ओर अपनी भारतमाता के योग्य शिशु बनो ।…